भारत में 101 lottery followers की सुरक्षा समीक्षा: निकासी समस्या के कारण और सुरक्षित कदम
यह पेज उन भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए है जो “101 lottery followers withdrawal problem 2025” जैसे प्रश्नों के साथ सर्च कर रहे हैं—जहाँ निकासी अटक जाती है, रिव्यू में फँसती है, KYC बार-बार फेल होता है, या कस्टमर सपोर्ट लंबे समय तक जवाब नहीं देता। यहाँ हमारा लक्ष्य एक सरल, पारदर्शी, और जोखिम-केंद्रित समझ देना है ताकि आप अपने फंड और पहचान की सुरक्षा कर सकें—खासकर Bharat Club जैसे नेटवर्क/समूह से जुड़े अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के संदर्भ में।
महत्वपूर्ण: जमा/निकासी वाले ऐप और वेबसाइट भारत में उच्च-जोखिम उपयोग परिदृश्य माने जाते हैं। किसी भी प्लेटफॉर्म पर अधिक राशि जमा करने से पहले वैधता, नीतियाँ, KYC प्रक्रिया, डेटा सुरक्षा और ग्राहक सहायता की वास्तविकता को जांचना समझदारी है।
भारत में “101 lottery followers problem” आमतौर पर उस स्थिति को कहा जाता है जहाँ कोई उपयोगकर्ता निकासी (withdrawal) का अनुरोध करता है, लेकिन वह देरी में चला जाता है, रिव्यू/वेरिफिकेशन में अटकता है, फंड फ्रीज़ हो जाते हैं, या कस्टमर सपोर्ट से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। यह शब्द एक “एक ही” आधिकारिक संस्था का नाम होना जरूरी नहीं है—अक्सर अलग-अलग टीमों द्वारा बनाए गए स्वतंत्र ऐप/वेबसाइट्स समान नाम/थीम का उपयोग कर सकती हैं।
एक ही नाम से दिखने वाले प्लेटफॉर्म अलग-अलग डोमेन, नियम, भुगतान चैनल, और KYC पार्टनर के साथ चल सकते हैं। इसलिए “समस्या” का कारण एक जैसा नहीं होता—हर केस में प्लेटफॉर्म टाइप, निकासी विधि, KYC स्टेटस, और उपयोगकर्ता के दस्तावेज़/डेटा की संगति के आधार पर आकलन करना पड़ता है।
उदाहरण A: रिव्यू में अटका
आपने निकासी रिक्वेस्ट की, लेकिन स्टेटस “Under Review” या “Processing” पर लंबे समय तक बना रहा। कई बार इसका कारण KYC डेटा असंगति, पेमेंट चैनल भीड़, या जोखिम-आधारित जांच (risk check) होता है।
उदाहरण B: फंड फ्रीज़/लिमिट
प्लेटफॉर्म कहता है कि “turnover/वेजरिंग” पूरी नहीं हुई, या दिन में केवल एक निकासी संभव है, या न्यूनतम सीमा से कम है। अगर नियम स्पष्ट नहीं हैं, तो यह उपयोगकर्ता के लिए उच्च जोखिम संकेत हो सकता है।
ऑनलाइन ब्रांड और जानकारी के संदर्भ में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि उपयोगकर्ता तक समय पर, साफ, और जिम्मेदार जानकारी पहुँचे। https://96tx.cn जैसे डोमेन पर बनने वाले कंटेंट का उद्देश्य अक्सर यही होता है कि उपयोगकर्ता को “क्या करें/क्या न करें” का व्यावहारिक रोडमैप मिले, खासकर जब बात पैसे, पहचान, और जोखिम की हो।
यह पेज भी उसी सोच से तैयार है: अनुभव-आधारित (प्रैक्टिकल कदम), अधिकारपूर्ण (साफ निर्णय मानदंड), विश्वसनीय (जोखिम चेतावनी), और सुरक्षित (डेटा/आईडी सुरक्षा) टोन के साथ।
हाल के समय में Bharat Club से संबंधित नामों/थीम्स वाले प्लेटफॉर्म्स की संख्या बढ़ने के साथ, कई उपयोगकर्ताओं को डोमेन बदलने, ऐप के रीब्रांड, और नीतियों के अचानक बदलने जैसी स्थितियाँ दिखीं। जब निकासी में देरी या फंड फ्रीज़ जैसा अनुभव होता है, तो उपयोगकर्ता स्वाभाविक रूप से “यह असली है या नकली?”, “किस वजह से निकासी रुकी?”, “KYC कैसे पास होगा?” जैसे सवाल पूछते हैं।
डोमेन/लिंक बदलना
कुछ प्लेटफॉर्म अचानक नया डोमेन/नया लिंक प्रमोट करते हैं। इससे उपयोगकर्ता को भ्रम होता है कि “सही ऑफिशियल चैनल” कौन-सा है।
KYC नियमों की सख्ती
PAN/बैंक/UPI डेटा का मिलान न होने पर ऑटो-रिजेक्शन, या अतिरिक्त दस्तावेज़ की मांग—जिससे निकासी रुक सकती है।
इस सर्च इंटेंट में “रिव्यू + सुरक्षा + असली/नकली + कैसे करें” की मांग सबसे मजबूत रहती है, क्योंकि उपयोगकर्ता अपना पैसा और पहचान दोनों सुरक्षित रखना चाहते हैं।
4) “असली या नकली” का व्यावहारिक आकलन: 9 संकेत
किसी प्लेटफॉर्म की वैधता का निर्णय केवल “नाम” से नहीं किया जा सकता। नीचे दिए गए संकेत जोखिम-आधारित हैं—इनका लक्ष्य आपको नुकसान से बचाना है।
- डोमेन/ऐप स्रोत की पारदर्शिता: क्या ऑफिशियल चैनल स्पष्ट है? क्या नियम/नीतियाँ पढ़ने योग्य और स्थिर हैं?
- कस्टमर सपोर्ट की वास्तविकता: क्या टिकट/ईमेल/समय-सीमा स्पष्ट है, या केवल “जल्द होगा” जैसे जवाब मिलते हैं?
- KYC डेटा-मिलान: PAN नाम, बैंक नाम, UPI हैंडल—क्या एक-दूसरे से मेल खाते हैं?
- निकासी नियमों की स्पष्टता: लिमिट, समय, शुल्क, रिव्यू प्रक्रिया—क्या लिखित रूप में है?
- अचानक नीति बदलाव: बिना सूचना के नियम बदलना (जैसे टर्नओवर शर्त) एक जोखिम संकेत हो सकता है।
- पेमेंट चैनल/UPI स्थिरता: बार-बार फेल, “pending” लंबे समय तक—चैनल की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।
- डेटा-प्राइवेसी संकेत: जरूरत से ज्यादा परमिशन, अनावश्यक दस्तावेज़ की मांग, या अस्पष्ट डेटा-नीति—सावधानी जरूरी।
- कम्युनिकेशन शैली: धमकी/जल्दी जमा करें/अतिरंजित वादा—यह अक्सर हाई-रिस्क व्यवहार दर्शाता है।
- निकासी अटकने पर व्यवहार: क्या प्लेटफॉर्म सबूत माँगकर समाधान देता है, या जमा बढ़ाने का दबाव बनाता है?
नीचे दिए गए कारण “सबसे ज्यादा रिपोर्ट/टेस्टिंग पैटर्न” के आधार पर समझाने के लिए हैं। जरूरी नहीं कि हर प्लेटफॉर्म पर सभी कारण लागू हों, लेकिन यह सूची आपको जड़ कारण तक पहुँचने में मदद करेगी।
कारण 1: KYC वेरिफिकेशन फेल
- PAN पर नाम और बैंक खाते पर नाम में स्पेलिंग/क्रम का अंतर
- पते/जन्मतिथि में असंगति, या धुंधली इमेज/कटे हुए डॉक्यूमेंट
- UPI मोबाइल नंबर और अकाउंट मोबाइल नंबर अलग होना
कारण 2: बैलेंस फ्रीज़/टर्नओवर मैकेनिज्म
कुछ प्लेटफॉर्म टर्नओवर (wagering/turnover) शर्त जोड़ते हैं—यदि वह पूरी नहीं होती तो निकासी पर रोक लग सकती है। समस्या तब बढ़ती है जब यह शर्त पहले स्पष्ट नहीं बताई जाती।
कारण 3: सर्वर या पेमेंट चैनल अस्थिर
- UPI/वॉलेट पार्टनर की भीड़ के समय देरी (विशेषकर पीक टाइम पर)
- थर्ड-पार्टी प्रोसेसर में “processing” फँसना
- नेटवर्क/सर्वर डाउनटाइम
कारण 4: निकासी लिमिट/फ्रीक्वेंसी नियम
दिन में केवल एक निकासी, न्यूनतम निकासी सीमा, या “कुल मिलाकर न्यूनतम” जैसी शर्तें। यदि UI में साफ नहीं लिखा, तो उपयोगकर्ता को भ्रम होता है कि “मेरी निकासी फेल क्यों हुई?”
कारण 5: बिना सूचना नीति बदलाव
कुछ ऑपरेटर अस्थायी रूप से नियम बदल सकते हैं—जैसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन, नया UPI चैनल, या नई लिमिट। यदि घोषणा/नोटिस अस्पष्ट है, तो भरोसा कम होता है।
कारण 6: हाई-रिस्क ऑपरेशन फ्लैग
- बहुत तेजी से जमा-निकासी, बार-बार छोटे/बड़े ट्रांजैक्शन
- एक ही नंबर/डिवाइस से कई अकाउंट
- असामान्य पैटर्न जो सिस्टम को जोखिम अलर्ट देता है
कारण 7: प्लेटफॉर्म की वैधता संदिग्ध
कुछ नए/तेजी से उभरते “101 lottery followers जैसे ऐप” वास्तविक/स्थिर ऑपरेटर न होने के कारण निकासी प्रोसेस नहीं कर पाते। ऐसे मामलों में सबसे सुरक्षित कदम होता है—तुरंत जमा रोकना और सबूत सुरक्षित रखना।
“समाधान” का मतलब अक्सर यह नहीं कि सिस्टम तुरंत पैसा भेज देगा—पर आप अपने केस को मजबूत बनाकर जोखिम घटा सकते हैं। नीचे के कदम भारत के आम पेमेंट व्यवहार (UPI/बैंक) और KYC मिलान के अनुरूप हैं।
कदम 1: KYC रिपोर्ट दोबारा, पर सही मिलान के साथ
- PAN नाम = बैंक नाम (जितना संभव हो उतना)
- अकाउंट नंबर/IFSC सही और एक ही यूजर प्रोफाइल में
- डॉक्यूमेंट फोटो स्पष्ट, बिना कटे किनारे
यदि किसी जगह स्पेलिंग अलग है, तो “करेक्शन” किए बिना बार-बार अपलोड करने से रिजेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है।
कदम 2: UPI उसी मोबाइल नंबर से लिंक करें
भारत में UPI निकासी में नंबर-लिंकिंग महत्वपूर्ण है। जिस नंबर से अकाउंट बना है, उसी से UPI हैंडल लिंक होने पर कई सिस्टम में फ्रॉड-रिस्क कम माना जाता है।
- UPI हैंडल सही टाइप करें (जैसे
name@bank) - UPI ऐप में बैंक अकाउंट वही हो
- OTP/वेरिफिकेशन पूरा करें
कदम 3: ऑफ-पीक टाइम पर ट्राय करें
कई उपयोगकर्ता बताते हैं कि 9 AM – 4 PM (लोकल बैंकिंग विंडो) में प्रोसेसिंग बेहतर रहती है। यह कोई गारंटी नहीं है, पर पेमेंट चैनल की भीड़ कम हो सकती है।
कदम 4: डोमेन/चैनल परिवर्तन की घोषणा देखें
यदि प्लेटफॉर्म ने नया लिंक/नया डोमेन बताया है, तो सही चैनल कन्फर्म करना जरूरी है—वरना सपोर्ट टिकट गलत जगह जा सकता है।
कदम 5: सपोर्ट को सही सबूत दें (स्क्रीनशॉट + ट्रांजैक्शन ID)
सपोर्ट को “समस्या है” लिखने से ज्यादा असरदार होता है संरचित रिपोर्ट:
- Withdraw Request ID / Order ID
- तारीख/समय (भारत समयानुसार)
- एरर मैसेज का स्क्रीनशॉट
- UPI हैंडल/बैंक (संवेदनशील डेटा छिपाकर)
कदम 6: वेरिफिकेशन से पहले बड़े डिपॉज़िट से बचें
यदि आपका KYC “Pending/Failed” है, तो बड़े डिपॉज़िट करने से जोखिम बढ़ सकता है—क्योंकि निकासी की क्षमता अभी स्पष्ट नहीं। सुरक्षित रणनीति: पहले छोटे ट्रांजैक्शन, फिर भरोसा बनें तो ही आगे बढ़ें।
भारत में जमा/निकासी वाले प्लेटफॉर्म उपयोग करते समय दोहरी सुरक्षा जरूरी है: (1) पैसा सुरक्षित रहे, (2) आपकी पहचान/डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रहें। Bharat Club जैसे नामों से जुड़े विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के बीच “एकरूप नियमन” नहीं हो सकता, इसलिए उपयोगकर्ता को खुद जोखिम-आकलन करना पड़ता है।
क्या-क्या जरूर करें
- रेकॉर्ड सुरक्षित रखें: डिपॉज़िट रसीद, UTR/रेफरेंस, स्क्रीनशॉट
- डेटा मिनिमाइज़ेशन: जो जरूरी हो वही दें; अनावश्यक निजी जानकारी न भेजें
- सपोर्ट चैनल सत्यापन: गलत नंबर/फर्जी चैट से बचें
- पासवर्ड हाइजीन: अलग पासवर्ड, 2FA/OTP सावधानी
क्या-क्या नहीं करें
- निकासी अटकने पर “पहले और जमा करो” जैसे दबाव में न आएँ
- अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, या पूरा PAN/बैंक विवरण शेयर न करें
- एक ही डिवाइस/नंबर से कई अकाउंट बनाकर जोखिम बढ़ाने से बचें
KYC को अक्सर लोग केवल “डॉक्यूमेंट अपलोड” समझ लेते हैं, लेकिन वास्तविकता में KYC एक डेटा-मिलान प्रक्रिया है। आपके PAN, बैंक, और UPI की जानकारी एक-दूसरे से जितनी अधिक संगत होगी, उतना कम जोखिम-फ्लैग लगेगा।
PAN और नाम का मिलान
- PAN पर जैसा नाम है, प्रोफाइल में वैसा ही रखें
- स्पेलिंग/मिडिल-नेम का अंतर न होने दें
- यदि बैंक में अलग नाम है, तो पहले बैंक रिकॉर्ड अपडेट करना बेहतर
बैंक और UPI की संगति
- UPI ऐप में वही बैंक अकाउंट लिंक हो
- अकाउंट मोबाइल नंबर और UPI मोबाइल नंबर संगत रखें
- UPI हैंडल गलत टाइपिंग से “failed” बढ़ सकता है
प्रो टिप: KYC में “बार-बार अपलोड” हमेशा समाधान नहीं। पहले डेटा-मिलान (नाम/नंबर/डॉक्यूमेंट गुणवत्ता) ठीक करें, फिर एक साफ सबमिशन दें—ताकि आपका केस “क्लीन” दिखे।
UPI/बैंकिंग में देरी का कारण केवल प्लेटफॉर्म ही नहीं होता—कभी-कभी पेमेंट प्रोसेसर, बैंक नेटवर्क, या पेंडिंग रीकन्सिलिएशन भी कारण बनते हैं। फिर भी, एक जिम्मेदार प्लेटफॉर्म यूजर को स्टेटस और टाइमलाइन स्पष्ट देता है।
देरी के सामान्य तकनीकी कारण
- रिकन्सिलिएशन पेंडिंग: सिस्टम ने रिक्वेस्ट ली, लेकिन बैंक/UPI से पुष्टि आने में समय
- फ्रॉड-रिस्क चेक: असामान्य पैटर्न पर अतिरिक्त रिव्यू
- पीक टाइम भीड़: ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बढ़ने पर कतार
आप क्या चेक कर सकते हैं (जोखिम-घटाने के लिए)
- आपकी रिक्वेस्ट का Order/Request ID बना है या नहीं
- “Processing” कितने समय से है (अपने स्क्रीनशॉट में समय दिखाएँ)
- UPI हैंडल/बैंक विवरण में टाइपो तो नहीं
अच्छा संकेत क्या है?
प्लेटफॉर्म स्पष्ट SLA/समय-सीमा, स्टेटस अपडेट, और दस्तावेज़-आधारित समाधान देता है—और जमा बढ़ाने का दबाव नहीं बनाता।
“कस्टमर सपोर्ट नहीं जवाब दे रहा” एक सबसे परेशान करने वाली स्थिति है—और यही वह जगह है जहाँ आप अपने कदमों से जोखिम घटा सकते हैं। लक्ष्य यह है कि आपकी शिकायत ट्रेस करने योग्य बने।
स्ट्रक्चर्ड टिकट कैसे लिखें
- विषय: Withdrawal Pending + तारीख + Request ID
- बॉडी: समस्या का 4-लाइन सार + ID/स्क्रीनशॉट + अपेक्षित समाधान
- अटैचमेंट: केवल जरूरी स्क्रीनशॉट; संवेदनशील हिस्से ब्लर/हाइड करें
48–72 घंटे में सुधार नहीं?
यदि प्लेटफॉर्म लंबे समय तक प्रतिक्रिया नहीं दे रहा, तो सबसे सुरक्षित कदम: नया डिपॉज़िट बंद करें, सभी सबूत सुरक्षित रखें, और किसी भी “अतिरिक्त भुगतान/फीस” के नाम पर मांग को संदेह से देखें।
जिम्मेदार उपयोगकर्ता का नियम: “समाधान के लिए सबूत” — जितना आपका रिकॉर्ड साफ, उतनी आपकी स्थिति मजबूत।
नीचे एक सरल फ्रेमवर्क है जो भारत के सामान्य उपयोगकर्ता व्यवहार के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य आपको “भावना” से नहीं, “साक्ष्य और संकेत” के आधार पर निर्णय लेने में मदद करना है।
| स्तर | आप क्या देखते हैं | आपका सुरक्षित कदम |
|---|---|---|
| Low | सपोर्ट उत्तर देता है, समय सीमा स्पष्ट, KYC ठीक | छोटी राशि से टेस्ट, रिकॉर्ड रखें, धीरे आगे बढ़ें |
| Medium | देरी है, पर स्टेटस/ID हैं; नीति कुछ अस्पष्ट | डिपॉज़िट रोकें, KYC मिलान सही करें, टिकट को स्ट्रक्चर्ड बनाएं |
| High | सपोर्ट गायब, नियम बदलते, “और जमा करो” दबाव | तुरंत जमा बंद, सबूत सुरक्षित, पहचान डेटा साझा न करें |
यह तालिका कानूनी सलाह नहीं है—यह उपयोगकर्ता सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक व्यवहारिक गाइड है।
“followers” शब्द अक्सर समुदाय, अपडेट, और सहभागिता का संकेत देता है। आदर्श स्थिति में, 101 lottery followers जैसे ब्रांड का मिशन होना चाहिए: उपयोगकर्ता को स्पष्ट जानकारी, सुरक्षित अनुभव, और जिम्मेदार सहायता देना—ताकि भारत के उपयोगकर्ता अनिश्चितता में न फँसें।
पारदर्शिता
नियम, निकासी समय-सीमा, KYC आवश्यकता, और सपोर्ट चैनल स्पष्ट होने चाहिए—ताकि यूजर को “ट्रायल एंड एरर” न करना पड़े।
सुरक्षा
डेटा-सुरक्षा, न्यूनतम जानकारी संग्रह, और पहचान सुरक्षा पर जोर—क्योंकि भारत में फ्रॉड/इम्पर्सोनेशन का जोखिम वास्तविक है।
इस पेज का उद्देश्य किसी एक टीम/एप को प्रमाणित करना नहीं, बल्कि उपयोगकर्ता को जोखिम-साक्षर बनाना है—ताकि आप बेहतर निर्णय लें।
अगर आप 101 lottery से जुड़े दूसरे मुद्दों/लिंक्स को भी समझना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए पेज सरल भाषा में मदद कर सकते हैं:
सुझाव: किसी भी नए लिंक पर जाने से पहले डोमेन/चैनल की पुष्टि करें और अनावश्यक निजी जानकारी शेयर न करें।
“101 lottery followers withdrawal problem 2025” सर्च करने वाले अधिकतर भारतीय उपयोगकर्ता धीमी निकासी, KYC समस्या, या प्लेटफॉर्म असामान्यता जैसी स्थितियों का सामना कर रहे होते हैं। इस गाइड का उद्देश्य आपको जड़ कारण तक पहुँचने, और अपने फंड/पहचान को सुरक्षित रखने में मदद करना है।
यदि प्लेटफॉर्म लंबे समय तक अनुत्तरदायी रहे
- तुरंत नया डिपॉज़िट बंद करें
- सभी सबूत (ID, स्क्रीनशॉट, समय-रेखा) सुरक्षित रखें
- OTP/UPI PIN/संवेदनशील डेटा किसी से साझा न करें
15) 101 lottery और 101 lottery followers का संक्षिप्त परिचय
101 lottery एक ऐसा ब्रांड-नाम है जिसके संदर्भ में उपयोगकर्ता अक्सर अपडेट, गाइड, और जानकारी खोजते हैं। “followers” संदर्भ में, उपयोगकर्ता समुदाय-आधारित जानकारी और समाधान की उम्मीद रखते हैं—खासकर जब बात निकासी, वेरिफिकेशन, और सपोर्ट जैसी संवेदनशील चीज़ों की हो।
अधिक जानकारी, अपडेट और न्यूज़ के लिए आप 101 lottery और 101 lottery followers पर भी देख सकते हैं। (लिंक खोलते समय हमेशा डोमेन की पुष्टि करें।)
समापन नोट: https://96tx.cn के संदर्भ में तैयार जानकारी का मूल उद्देश्य “यूजर सुरक्षा” है—जहाँ हर कदम आपके रिकॉर्ड, आपके डेटा, और आपके निर्णय को मजबूत बनाए। भारत में ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर सबसे बड़ी ताकत आपकी सावधानी और सबूत-आधारित प्रक्रिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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101 lottery followers पर withdrawal failed दिखे तो सबसे पहले क्या रिकॉर्ड सेव करूँ?
Withdraw Request ID, तारीख/समय, एरर मैसेज स्क्रीनशॉट, और पेमेंट मेथड (UPI/बैंक) का सीमित विवरण—संवेदनशील डेटा छिपाकर।
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क्या 101 lottery followers पर एक ही दिन में बार-बार निकासी ट्राय करने से समस्या बढ़ सकती है?
कई सिस्टम में बार-बार प्रयास जोखिम-फ्लैग बढ़ा सकता है। बेहतर है ऑफ-पीक समय चुनें, KYC/डिटेल्स ठीक करें, और फिर एक साफ प्रयास करें।
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Bharat Club संदर्भ में 101 lottery followers की वैधता जाँचते समय सबसे बड़ा रेड-फ्लैग क्या है?
सपोर्ट का गायब होना, नियमों का अचानक बदलना, और “निकासी के लिए पहले और जमा/फीस” का दबाव—ये उच्च जोखिम संकेत हैं।
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101 lottery followers KYC में PAN और बैंक नाम अलग होने पर क्या करना सुरक्षित है?
पहले नाम/डेटा की संगति बनाएं (जहाँ संभव हो रिकॉर्ड अपडेट), फिर स्पष्ट डॉक्यूमेंट के साथ एक बार सबमिट करें। बिना सुधार बार-बार अपलोड से रिजेक्शन बढ़ सकता है।
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101 lottery followers लॉगिन OTP देर से आए तो क्या मैं किसी एजेंट को नंबर/OTP दे सकता हूँ?
नहीं। OTP/PIN साझा करना सीधे फंड और पहचान जोखिम बढ़ाता है। केवल सत्यापित चैनल से सहायता लें और अपनी जानकारी नियंत्रित रखें।
#a723b#a125bशानदार अंक! चीजों को और अधिक स्पष्ट कर दिया. बहुत बढ़िया!#b923b